पनघट मैं जाऊं कैसे? — जन्माष्टमी विशेष

अगस्त 30, 2011 at 3:32 अपराह्न टिप्पणी करे

ब्लॉ.ललित शर्मा, सोमवार, २२ अगस्त २०११

 

सभी मित्रों को जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

पनघट मैं जाऊं कैसे, छेड़े मोहे कान्हा।
पानी      नहीं    है,    जरुरी   है   लाना।।
बहुत   हुआ  मुश्किल, घरों  से  निकलना।
पानी  भरी  गगरी को,सर पे रख के चलना।
फोडे  ना   गगरी,   बचाना    ओ    बचाना॥
पनघट मैं जाऊं कैसे,छेड़े मोहे कान्हा ।
पानी      नहीं    है,    जरुरी    है   लाना॥
गगरी    तो   फोडी   कलाई   भी  ना  छोड़ी।
खूब   जोर  से  खींची  और  कसके  मरोड़ी।
छोडो  जी  कलाई,  यूँ सताना  ना   सताना॥
पनघट मैं जाऊं कैसे,छेड़े मोहे कान्हा ।
पानी      नहीं     है,   जरुरी   है   लाना॥
मुंह    नहीं    खोले,  बोले    उसके    नयना।
ऐसी   मधुर   छवि  है, खोये  मन का चयना।
कान्हा   तू   मुरली    बजाना   ओ   बजाना॥
पनघट मैं जाऊं कैसे,छेड़े मोहे कान्हा ।
पानी      नहीं    है,   जरुरी   है   लाना॥

NH-30 सड़क गंगा की सैर

 

COMMENTS :

23 टिप्पणियाँ to “पनघट मैं जाऊं कैसे? — जन्माष्टमी विशेष — ललित शर्मा”

डॉ टी एस दराल ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:२५ पूर्वाह्न 
बहुत सुन्दर गीत ।
कान्हा की लीला तो न्यारी थी ।
जन्माष्टमी की शुभकामनायें ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:२८ पूर्वाह्न 
सुन्दर रचना ..

जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

अशोक बजाज ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:३२ पूर्वाह्न 
जन्माष्टमी की बहुत सुन्दर रचना .

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

संगीता पुरी ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:४८ पूर्वाह्न 
वाह ..
बहुत खूब !!
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं !!

Khushdeep Sehgal ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:५३ पूर्वाह्न 
कृष्णा कृष्णा आए कृष्णा,
जगमग हुआ रे घर-अंगना…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई…

जय हिंद…

sushma ‘आहुति’ ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ९:५५ पूर्वाह्न 
बहुत ही सुन्दर अभिवयक्ति….. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई…

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:०७ पूर्वाह्न 
वही तो!!
आस-पास वालों को सुनाना कि है मुझे पानी लाना, सब जानते हैं कि ये है बहाना। जैसे ही कान्हा ने है बाहर आना इन्होंने दौड़ कर है पहुंच जाना।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:०८ पूर्वाह्न 
बहुत सुंदर ….शुभकामनायें जन्माष्टमी के पावन पर्व की…..

Vijay Kumar Sappatti ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:४६ पूर्वाह्न 
ऐसी मधुर छवि है, खोये मन का चयना।
कान्हा तू मुरली बजाना ओ बजाना॥

bahut sundar rachna lalit ji ..
badhayi ho

संध्या शर्मा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ११:२४ पूर्वाह्न 
बहुत सुन्दर रचना …

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…

DR. ANWER JAMAL ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ११:३८ पूर्वाह्न 
आपकी रचना बहुत अच्छी है।
मुरली वाले जी के बारे में कुछ कोमल भावनाएं हमारी भी हैं जिन्हें आप देख सकते हैं
ब्लॉगर्स मीट वीकली (5) में
आपके चहेते ब्लॉगर्स के लेख आपके लिए पेश किए गए हैं।
शुक्रिया !

आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
जन्माष्टमी की शुभकामनाएं !

दर्शन कौर’ दर्शी ‘ ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १२:२७ अपराह्न 
मुंह नहीं खोले, बोले उसके नयना।
ऐसी मधुर छवि है, खोये मन का चयना।
कान्हा तू मुरली बजाना ओ बजाना॥

पनघट मैं जाऊं कैसे,छेड़े मोहे कान्हा ।
पानी नहीं है, जरुरी है लाना॥”

वाह ! क्या बात हैं …..ये रंगीन छेड़छाड़…कान्हा के बस की ही बात थी …और उसपर राधा की मन मोह लेने वाली छबी ? क्या बात हैं …

डॉ.मीनाक्षी स्वामी ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ २:२५ अपराह्न 
कान्हा की लीलाओं की भावपूर्ण प्रस्तुति ।
आपको भी जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ।

पी.सी.गोदियाल “परचेत” ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ २:५८ अपराह्न 
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

S.M.HABIB ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ३:४८ अपराह्न 
मुंह नहीं खोले, बोले उसके नयना।
ऐसी मधुर छवि है, खोये मन का चयना।
कान्हा तू मुरली बजाना ओ बजाना॥

जय श्री कृष्णा….
जन्माष्टमी की सादर बधाईयाँ….

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ५:५७ अपराह्न 
आपको एवं आपके परिवार “सुगना फाऊंडेशन मेघलासिया”की तरफ से भारत के सबसे बड़े गौरक्षक भगवान श्री कृष्ण के जनमाष्टमी के पावन अवसर पर बहुत बहुत बधाई स्वीकार करें लेकिन इसके साथ ही आज प्रण करें कि गौ माता की रक्षा करेएंगे और गौ माता की ह्त्या का विरोध करेएंगे!

मेरा उदेसीय सिर्फ इतना है की

गौ माता की ह्त्या बंद हो और कुछ नहीं ! 

आपके सहयोग एवं स्नेह का सदैव आभरी हूँ

आपका सवाई सिंह राजपुरोहित

सबकी मनोकामना पूर्ण हो .. जन्माष्टमी की आपको भी बहुत बहुत शुभकामनायें

अशोक बजाज ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ६:१२ अपराह्न 
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

pankaj vyas ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ६:४६ अपराह्न 
acchi rahana, badhai

आशा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ ७:१९ अपराह्न 
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हार्दिक शुभ कामनाएं |
आजकी रचना अच्छी लगी |बधाई
आशा

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:०० अपराह्न 
बहुत सुन्दर गीत …
जन्माष्टमी की शुभकामनायें ।

दर्शन लाल बवेजा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:२३ अपराह्न 
बहुत सुन्दर गीत ।
Read More: http://lalitdotcom.blogspot.com/2011/08/blog-post_22.html

चैतन्य शर्मा ने कहा… 

on 

 २२ अगस्त २०११ १०:५० अपराह्न 
जन्माष्टमी की शुभकामनायें

प्रवीण पाण्डेय ने कहा… 

on 

 २५ अगस्त २०११ २:२८ अपराह्न 
प्यारी सी कविता, शुभकामनायें।

Read More: http://lalitdotcom.blogspot.com/2011/08/blog-post_22.html

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मै भी अन्ना, तू भी अन्ना, सारा देश है अन्ना लोक देवता गुगापीर

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